मशरूम उत्पादन एवं प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी पर 21 दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण का शुभारम्भ
रायपुर
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास सहकारी संघ, बारामूला (जम्मू-कश्मीर) के सहयोग से मशरूम उत्पादन एवं प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी विषय पर उन्नत राष्ट्रीय प्रशिक्षण (2 से 22 मार्च 2021) तक आॅनलाईन किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के उप महा निदेशक डॉ. ए.के. सिंह ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटील ने कहा कि मशरूम औषधि है, मशरूम में विभिन्न प्रकार के तत्व पाए जाते हैं, जिसके कारण मशरूम की माग दिनों दिन बढ़ती जा रही है। मशरूम समय की मांग है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश विदेश के 213 प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। इस 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मशरूम उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन आदि विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. एम.पी. ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि व्यवसाय और आहार की दृष्टि से मशरूम महत्वपूर्ण है। इससे बडी मात्रा में विदेशी मुद्रा अर्जित होती है। उन्होंने बताया कि इस 21 दिवसीय आॅनलाईन प्रशिक्षण में विभिन्न विषयों जैसे - मशरूम की उत्पत्ति एवं खाने योग्य, जहरीले तथा औषधीय मशरूम की पहचान, मशरूम के पोषण एवं औषधीय पहलुओं, भारत में मशरूम उद्योग की वर्तमान स्थिति एवं भविष्य की संभावनाएं, शुद्ध कल्चर प्राप्त करने की तकनीक, मातृ एवं रोपण बीज तैयार करना, उष्णकटिबंधीय और समशीतोष्ण मशरूम जैसे - आॅयस्टर मशरूम, पैडी स्ट्रॉ मशरूम, मिल्की मशरूम, बटन मशरूम की खेती के लिए सब्सट्रेट की तैयारी करना, विशेष मशरूम जैसे - लायन्स मैन मशरूम, श्ट्टिेक मशरूम, गोनोडर्मा मशरूम, कॉर्डिसेप्स मशरूम, फ्लाम्युलिना मशरूम, स्किजोफाईलम मशरूम की खेती के लिए सब्स्ट्रेट तैयार करना, आॅयस्टर मशरूम, पैडी स्ट्रॉ मशरूम, मिल्की मशरूम, बटन मशरूम एवं अन्य विशेष गुणों वाले मशरूम के खेती की तकनीक, फसल अवधि के दौरान कीटों एवं बीमारियों से मशरूम की सुरक्षा, मशरूम उत्पादों का फसल प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, मशरूम का विस्तार एवं विपणन विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवसर पर संचालक अनुसंधान सेवाएं, डॉ. आर.के. बाजपेयी, अधिष्ठाता द्वय डॉ. एस.एस. राव एवं डॉ. रत्ना नशीने, आयोजन सचिव डॉ. सी.एस. शुक्ला उपस्थित थे।

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